बुजुर्ग महिला ने गाँधी जयंती पर न्याय पाने के लिए अनशन बैठी और चुना सत्याग्रह का रास्ता

अनूपपुर जिला मुख्यालय में करोड़ो के जमीन की मालकिन भिखमतिया कोल पटवारी की धोखाधड़ी से भीख मांगने को मजबूर है अनूपपुर गरीब आदिवासी महिला बेवा भिखमतिया बाई कोल ने गाँधीवादी सिद्धान्त को अपनाते हुए गाँधी जयंती के दिन ही अन्न त्याग कर सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया है, इससे पहले उसने कलेक्टर से मिल कर न्याय की मांग की थी, प्रदेश के मंत्री जीतू पटवारी ने  पटवारियों को भ्रष्ट बताया था जिन पटवारी की भ्रटाचार की कहानी अनूपपुर में सामने आ गयी जहाँ पटवारी के छल से एक आदिवासी बुजुर्ग महिला अपने दिव्यांग बेटे के साथ दर दर भटक रही है।

अनूपपुर नगरीय क्षेत्र में पटवारी रमेश सिंह  द्वारा छल पूर्व करोड़ो की जमीन लूट लिये जाने के बाद बेवा भिखमतिया कोल ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत करने के बाद कार्यवाही ना होने पर, कलेक्टर चन्द्रमोहन ठाकुर से मिल कर गुहार लगाई थी और महिला ने कहा था कि न्याय ना मिलने पर गांधी जयंती 2 अक्टूबर से अनशन पर बैठूंगी  कलेक्टर ने शीघ्र कार्यवाही करने का आश्वासन दिया था भिखमतिया बाई को न्याय की आस थी जो उसे जब टूटती दिखी तो उन्होने गाँधी जयंती को अटल द्वार के पास दोपहर बाद से अनशन पर बैठ सत्याग्रह प्रारंभ कर दिया है।

भिखमतिया का आरोप है उसकी जमीन जिला मुख्यालय के मेंन रोड में एकड़ों में है जिसे छल कपट कर एक दशक पूर्व हल्का पटवारी रमेश सिंह ने 20 डिसिमिल जमीन बेचने को कही जिसमें वह तैयार हो गयी उसका सौदा 1 लाख 80 हजार में तय हुआ पर उसे 1 लाख रुपये ही मीले 80 हजार प्राप्त भी नही हुए साथ ही उससे 20 डिसिमिल जमीन की जगह 67 डिसिमिल जमीन स्थानांतरित करवा ली और बाकी पर  कब्जा भी कर लिया है।

पूर्व बीजेपी विधायक रामलाल रौतेल ने भी भिखमतिया का समर्थन दिया है और भिखमतिया की न्याय दिलवाने आगे आये है, उन्होंने कहा भिखमतिया को न्याय दिलाने के लिए पूरी जनजाति के लोग लगतार प्रदर्शन करेंगे।

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